डीयू एडमिशन 2026: पुराने कट-ऑफ सिस्टम की विदाई; CUET के दम पर कैसे ‘मिनी इंडिया’ बना दिल्ली विश्वविद्यालय?
🎓 DU Admission Update: 100% कट-ऑफ का झंझट खत्म! CUET ने हर छात्र को दिया बराबरी का मौका, DU VC योगेश सिंह का बड़ा बयान
बड़ी खबर: दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) में एडमिशन का सीजन शुरू होते ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (VC) योगेश सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) का पुरजोर समर्थन करते हुए बताया कि कैसे इस इकलौते एग्जाम ने देश के अलग-अलग राज्यों, बोर्ड और गरीब-अमीर पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को बराबरी का हक दिया है। अब कुछ चुनिंदा बोर्ड्स का दबदबा पूरी तरह खत्म हो चुका है।
⚖️ ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’: 100% बोर्ड मार्क्स वालों का एकाधिकार खत्म!
इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए 100% तक की कट-ऑफ जाती थी। इसका सबसे बड़ा नुकसान उन राज्यों के छात्रों को होता था जहाँ के शिक्षा बोर्ड बेहद कड़ाई से मार्किंग (कॉपी चेकिंग) करते हैं। कुछ ही बोर्ड के छात्रों को नंबरों की उछाल के कारण एडमिशन मिल पाता था।
यूनिवर्सिटी के वीसी योगेश सिंह ने पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि CUET ने ‘लेवल प्लेइंग फील्ड’ (बराबरी का मैदान) तैयार किया है:
- सभी राज्यों को मिला हक: अब किसी भी राज्य, चाहे वह गांव का छात्र हो या शहर का, सबको अपनी काबिलियत साबित करने का एक समान मौका मिलता है।
- बढ़ी विविधता (Diversity): डीयू का कैंपस अब एक ‘मिनी इंडिया’ बन चुका है, जहां देश के कोने-कोने और हर सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्र एक साथ पढ़ रहे हैं।
🏗️ ₹2,000 करोड़ का मेगा प्लान: बिल्कुल नए रंग-रूप में दिखेगी दिल्ली यूनिवर्सिटी!
एडमिशन के बदलावों के साथ-साथ दिल्ली यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी पूरी तरह बदला जा रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत शुरू किए गए 4 साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) को सुचारू रूप से चलाने के लिए विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं।
- सरकार से मिला बंपर फंड: केंद्र सरकार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को ₹2,000 करोड़ की भारी-भरकम ग्रांट (अनुदान) दी है।
- छात्रों को क्या मिलेगा? इस पैसे का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, अत्याधुनिक लैब्स विकसित करने और छात्रों के बीच रिसर्च व इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
💡 डीयू में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए क्या है संदेश?
देश में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चल रही तमाम बहसों और चिंताओं के बीच, डीयू प्रशासन का मानना है कि सेंट्रलाइज्ड एग्जाम सिस्टम (CUET) छात्रों के हित में है। अगर आप भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप कॉलेजों (जैसे सेंट स्टीफंस, एसआरसीसी, हिंदू या मिरांडा हाउस) में पढ़ने का सपना देख रहे हैं, तो अब आपके स्टेट बोर्ड की मार्किंग स्कीम आपकी राह का रोड़ा नहीं बनेगी।
एडमिशन अलर्ट: दिल्ली यूनिवर्सिटी का कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल जल्द ही रजिस्ट्रेशन के लिए खुलने वाला है। लेटेस्ट शेड्यूल और सीट मैट्रिक्स की लाइव जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर पैनी नजर बनाए रखें!